OTP Full Form – What Is OTP Full Form in Hindi

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OTP Full Form in Hindi : वर्तमान समय में OTP की बहुत ही ज्यादा उपयोगिता है। आज के समय में शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति होगा, जो OTP से परिचित नहीं होगा। किसी भी तरह का online payment चाहे वह netbanking के माध्यम से हो, या गूगल पे, फ़ोन पे इत्यादि से हो, OTP का इस्तेमाल होता है। पर इससे जुड़े कुछ ऐसे भी तथ्य हैं, जिससे अधिकांश लोग अनभिज्ञ हैं, और सुरक्षा की दृष्टिकोण से जानना अत्यंत आवश्यक है। तो आइए what is the full form of otp को थोड़ा और क़रीब से जानने का प्रयास करते हैं।

OTP Full Form in Hindi
OTP Full Form in Hindi

क्या आप जानते है की OTP Full Form in chats और OTP Kya Hai? नही तो आपको बता दे की ओटीपी एक ऐसा Code है जिसके माध्यम से आज हम हर प्रकार के Online लेंन देन सुरक्षित तरीके से करते है। आजकल के digital world मे OTP लोगो के लिए security कवच बन गया है। तो चलिए जानते है कि OTP Kya Hota Hai इसकी पूरी जानकारी

आज के समय में सभी लोग खुद का काम घर बैठे online ही कर लेते हैं जैसे मोबाइल recharge हो या फिर shopping, तो ऐसे में इस digital दुनिया में हमारी security बहुत ज्यादा माइने रखती है ताकि हमारा personal data और account दोनों ही अनजान व्यक्ति से सुरक्षित रहे.

जब हम net banking की मदद से online transactions करते हैं मोबाइल recharge करने के लिए या फिर कुछ सामान खरीदने के लिए तब सभी details भरने के बाद last में एक code आता है जिसे हम OTP कहते हैं. आप सभी ने OTP के बारे में सुना होगा और इसका इस्तमाल भी किया होगा, लेकिन क्या आपको पता है की इसका इस्तेमाल क्यूँ किया जाता है? चलिए शुरु करते है कि otp full form in social media .

OTP होता क्या है? (What Is OTP In Hindi)

Contents

One Time Password या OTP क्या है (What is full mean of OTP?) : यह एक प्रकार का सिक्योरिटी कोड होता है। इसका फूल फॉर्म वन टाइम पासवर्ड या वन टाइम पिन होता है। इसका इस्तेमाल सिर्फ एक बार ही किया जा सकता है, और इस्तेमाल के बाद या एक निर्धारित समय के बाद ख़ुद निष्क्रिय हो जाता है। यह किसी व्यक्ति के अकाउंट को दोहरी सुरक्षा प्रदान करता है।

OTP Full form in hindi (what is otp full form)

OTP ओटीपी का फुल फॉर्म – “One Time Password” होता है। OTP Full Form हिंदी में “एक बार इस्तेमाल किया जाने वाला पासवर्ड” कहते है।

OTP जनरेट कैसे होता है और हमें कहाँ प्राप्त होता है?

OTP हमें अपने पंजीकृत अर्थात रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और पंजीकृत ईमेल आई डी पर प्राप्त होता है। यह सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑटोजनरेट होता है, और रैंडम अलगोरिथम मेथड पर कार्य करता है। अर्थात हर समय अलग OTP जनरेट करता है। इसलिए किसी के लिए भी अगले OTP का अनुमान लगाना संभव नहीं होता है।

OTP कितने अंकों का होता है और कब तक इस्तेमाल किया जा सकता है?

OTP मुख्यतः 4 अंक, 6 अंक और 8 अंकों तक होता है। एक बार जनरेट OTP का इस्तेमाल सिर्फ एक बार ही किया जा सकता है। यदि हमने इसका इस्तेमाल कर लिया या निर्धारित समय के अंतराल में इस्तेमाल नहीं कर पाए तो यह तत्पश्चात ख़ुद निष्क्रिय हो जाता है। और हमें फ़िर से अपने कार्य के लिए नई OTP को जनरेट करनी पड़ती है।

जब हमें OTP प्राप्त होता है, तो उसके साथ मैसेज में इस्तेमाल के लिए समय भी लिखा होता है। जैसे वैलिड फॉर 03 मिनट, 05 मिनट,08 मिनट या 30 मिनट। अलग-अलग प्रकार के अकाउंट के लिए OTP का समय अंतराल भी अलग-अलग होता है।हमें इसी समय अंतराल में इस OTP का इस्तेमाल करना होता है। इसके बाद OTP ख़ुद निष्क्रिय हो जाता है, ताकि भविष्य में कोई दूसरा व्यक्ति इसका इस्तेमाल ना कर सके।

OTP का इस्तेमाल कहाँ-कहाँ होता है?

नेट बैंकिंग

जब हम नेट बैंकिंग के जरिये से से पैसों का लेन-देन करते हैं, तो बैंक खाते से लिंक मोबाइल नंबर और ईमेल आई डी पर एक OTP प्राप्त होता है। यह OTP की प्रक्रिया दरअसल खाता धारक की सहमति होती है, क्योंकि यह OTP उसके खाता से लिंक मोबाइल नंबर के माध्यम से सीधा उस व्यक्ति तक पहुँचता है, और खाता धारक से सत्यापित करने के उपरांत ट्रांजक्शन पूरा करता है।

सरकारी दस्तावेजों के आवेदन और उसे डाउनलोड करने में

जब हम सरकारी पोर्टल से किसी दस्तावेज के लिए ऑनलाइन आवेदन करते हैं। जैसे वाहन का पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड या कोई भी अन्य प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन करते समय मोबाइल नंबर और ईमेल आई डी दर्ज किया जाता है, जिसपर सत्यापन के लिए OTP आता है।

       इतना ही नहीं जब हमारा डॉक्यूमेंट बनकर तैयार हो जाता है तब भी डाउनलोड करते समय भी आवेदन के मोबाइल पर पुनः OTP भेजकर सत्यापन किया जाता है।

आधार कार्ड, पैन कार्ड इत्यादि को अपडेट करने में

जब हम आधार कार्ड, पैन कार्ड जैसे पहचान पत्रों में कुछ ऑनलाइन बदलाव करना चाहते हैं तो भी आधार नंबर से लिंक मोबाइल पर OTP भेज सत्यापन किया जाता है। यह अन्य व्यक्तियों द्वारा किसी की पहचान के साथ छेड़-छाड़ से सुरक्षा प्रदान करता है।

ऑनलाइन शॉपिंग

जब हम किसी ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट पर शॉपिंग करते हैं, तो वहाँ भी OTP का इस्तेमाल होता है।

सोशल मीडिया साइट पर अकाउंट बनाने में

जब हम सोशल मीडिया साइट पर अकाउंट बनाते हैं। जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, गूगल अकाउंट इत्यादि तो वहाँ भी OTP का इस्तेमाल होता है।

एप्प डाउनलोड करने में

जब हम किसी भी तरह का एप्प जैसे – गूगल पे, फ़ोन पे, फ्लिपकार्ट, अमेज़न, टिक-टोक इत्यादि अपने स्मार्टफोन में डाउनलोड करते हैं, तो आईडी बनाने में OTP इस्तेमाल होता है।

आईडी पासवर्ड दोबारा प्राप्त करने

जब हम अपने नेट बैंकिंग या किसी भी सोशल मीडिया अकाउंट का आईडी-पासवर्ड भूल जाते हैं तो दोबारा प्राप्त करने के क्रम में भी OTP जनरेट होता है और उससे लिंक मोबाइल या ईमेल आईडी के माध्यम से सत्यापन होता है।

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OTP की उपयोगिता या फायदे

दोहरी सुरक्षा व फ्रॉड से बचाव

OTP के माध्यम से सुरक्षा का स्तर और भी बढ़ जाता है। यदि किसी अन्य व्यक्ति के हाथ हमारा आई डी पासवर्ड लग भी जाता है। उस घड़ी में OTP एक सुरक्षा कवच की भांति कार्य करता है। क्योंकि OTP के बिना ट्रांजक्शन संभव नहीं हो पायेगा। वह व्यक्ति बिना OTP के लॉगिन ही नहीं कर पायेगा।

किसी दूसरे डिवाइस में लॉगिन

यदि हमें अपनी ईमेल आई डी या कोई भी अकाउंट की आईडी अन्य डिवाइस में लॉगिन करनी है, तो OTP के द्वारा सत्यापन के उपरांत सुरक्षित रूप से अन्य डिवाइस में लॉगिन किया जा सकता है।

नया अकाउंट बनाने या किसी भी तरह के ऑनलाइन पंजीकरण में

यदि हमें कोई भी नया अकाउंट बनाना हो या सरकारी पोर्टल आदि पर  अपनी आईडी बनानी हो तो OTP के माध्यम से सत्यापन करके आसानी s से अकाउंट बनाई जा सकती है।

ऑनलाइन ट्रांजक्शन में हुई गलती पर नियंत्रण

यदि भूलवश या जल्दबाजी में हमसे ज्यादा अमाउंट टाइप हो जाता है, तो भी OTP हमें एक मौका और प्रदान करेगा और होने वाले नुकसान से बचा लेगा।

OTP के प्रयोग में क्या-क्या सावधानी बारातनी चाहिए?

  • OTP is like a tooth brush. “Never share it.” OTP किसी को शेयर ना करें।
  • जिस पंजीकृत मोबाइल नंबर पर OTP आता है, उसे हमेशा अपने साथ रखें। उस फोन को अंजान व्यक्ति के हाथ में ना दें।
  • जिस ईमेल आईडी पर OTP आता है उसका पासवर्ड भी किसी के साथ शेयर ना करें। नहीं तो OTP प्राप्त करके ना केवल पासवर्ड में परिवर्तन किया जा सकता है बल्कि और भी अप्रिय घटनाओं को अंजाम दिया जा सकता है।
  • अगर स्मार्टफोन या किसी अन्य डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसकी सेटिंग और privacy policy को जाने और उसमें अनुकूल परिवर्तन करें। किसी भी तरह के एप्प डाउनलोड के लिए ऑटो परमिशन ना दें।
  • Auto Fill OTP- अपने फोन या अन्य डिवाइस को auto fill OTP का ऑप्शन ना दें। यदि ऐसा है तो उसमें तुरंत सुधार कर लें। नहीं तो ऑटो फील OTP के कारण कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आपका डिवाइस पूरी तरह से हैक किया जा सकता है, और किसी भी तरह की अप्रिय घटना घट सकती है।

OTP जहाँ हमें ऑनलाइन कार्यों में दोहरी सुरक्षा प्रदान करता है,वहीं अगर हम privecy policy आदि का ख़्याल नहीं रखते हैं। इसके सन्दर्भ में संपूर्ण जानकारी नहीं रखते हैं, तो ये हमारे लिए भारी नुकसान का भी सबब बन सकता है। इसलिए हमें फायदे के साथ-साथ नुकसान से बचने के उपायों के सन्दर्भ में भी जान लेना चाहिए।
 

 

नमस्कार ! मेरा नाम गणपत ईणकिया है और इस Best Hindi Blog का संस्थापक हूँ. मुझे ब्लॉग्गिंग, एसईओ और डिजिटल मार्केटिंग जैसे विषयों पर गहरी नॉलेज है! हमारे ब्लॉग पर आने के लिए धन्यवाद.

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